वीके सिंह ने पूछा- 2005-12 तक ठीक थे कश्मीर के हालात, अब क्यों बिगड़े?



पुलवामा आतंकी हमले के बाद कश्मीर के हालात को लेकर तरह-तरह की बातें चल रही हैं. इसी बीच पूर्व थलसेना अध्यक्ष और विदेश राज्यमंत्री जनरल वीके सिंह ने कहा है कि यह साधारण मुद्दा नहीं है. यह एक छद्म युद्ध (Proxy War) का मामला है. इसके साथ ही उन्होंने कहा कि यहीं दक्षिण कश्मीर का इलाका 2005-2012 तक शांत रहा. ऐसे क्या कारण हैं जो अब ये सब हो रहा है?

पूर्व थलसेना अध्यक्ष ने कहा, ‘कश्मीर का मुद्दा सरल नहीं है. यह एक छद्म युद्ध का मुद्दा है. यह एक ऐसा मामला है जिसके लिए पहले काम होना चाहिए था.’ इसके साथ ही उन्होंने कहा, ‘किसी एक नीति की सफलता या असफलता को एक मुद्दे के आधार पर तय नहीं किया जा सकता है.’

MoS MEA VK Singh: This very same South Kashmir was very peaceful 2005-2012. What’s the reason for the surge in incidents there after 2012. Have you analysed this? Why did this happen? (18.02.2019) https://t.co/S5NFnvk6hF
— ANI (@ANI) February 19, 2019

उन्होंने कहा, ‘अभी एक एनकाउंटर हुआ, जहां पर तीन जवान शहीद हो गए. इसका मतलब ये नहीं हुआ कि वहां हालात खराब हैं.’ सिंह पुलवामा में सोमवार को हुए एनकाउंटर का जिक्र कर रहे थे. इस एनकाउंटर में 2 आतंकवादी को सुरक्षाबलों ने मौत के घाट उतार दिया.

वीके सिंह ने कहा, ‘यह वहीं दक्षिण कश्मीर है जो 2005 से लेकर 2012 तक शांत रहा. ऐसा क्या कारण है कि 2012 के बाद से इलाके में इतनी तेजी से घटनाओं में वृद्धि देखी जाने लगी. क्या आपने इसका विश्लेषण किया है? ऐसा क्यों हुआ?’

विदेश राज्यमंत्री ने कहा, ‘कुछ युवाओं को पत्थर फेंकने के लिए, कुछ को गाड़ी पर खड़े होकर ‘हम क्या चाहते, आजादी’ का नारा लगाने के लिए पैसे दिए जाते हैं. लेकिन यह पूरे कश्मीर के युवाओं की भावनाओं को नहीं दिखाता है.’ जनरल सिंह ने कहा कि वहां बहुत काम हुआ है, हम और ज्यादा काम कर सकते हैं.

MoS MEA: Youth has been engaged earlier also, will be engaged in future also. There are many things required to be done in Kashmir&there are many being done. Some have succeeded, some have not. I’m positive that govt is ensuring that this issue is looked at very seriously.(18.02) https://t.co/HMDZY2hY1O
— ANI (@ANI) February 19, 2019

वीके सिंह ने कहा कि युवा ऐसे कार्यों में पहले भी लगे रहते थे और आगे भी लगे रहेंगे. अभी कश्मीर में काफी काम करने की जरूरत है और काफी काम हुआ भी है. उन्होंने कहा कि इसमें से कुछ सफल हुए और कुछ नहीं हुए. मैं इस बात को लेकर सकारात्मक हूं कि सरकार सुनिश्चित कर रही हैं कि इन मुद्दे को बहुत गंभीरता से देखा जाए.

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